Jhansi Hospital Accident: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बालरोग विभाग के एनआईसीयू वार्ड में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। दस नवजातों की मौत हो गई है। वार्ड के दरवाजे-खिड़की तोड़ कर 37 बच्चों को बाहर निकाला गया। 5 बच्चों के झुलसने की भी सूचना है। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज के ही अन्य वार्डों में किया जा रहा है। हादसा रात करीब साढ़े 10 बजे हुआ। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग के चलते आग लगी, फिर धमाका हो गया।

एडीजी कानपुर आलोक सिंह ने 10 बच्चों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। उधर, सीएम के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य देर रात झांसी पहुंचे और जानकारी ली।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग से लगी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में आग लगभग साढ़े दस बजे लगी। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग के चलते आग लगी, फिर धमाका हो गया। आग पूरे वार्ड में फैल गई। वार्ड ब्वॉय ने आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र चलाया। मगर वह 4 साल पहले ही एक्सपायर हो चुका था, इसलिए काम नहीं किया। ​​​सूचना पर फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। सूचना पर DM-SP भी पहुंच गए। भीषण आग को देखते हुए सेना को बुलाया गया। करीब 2 घंटे में आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 10 बच्चे जिंदा जल गए।

37 बच्चों को खिड़की-दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला

दरवाजे-खिड़की तोड़ कर 37 बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला गया है। उनका इलाज किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि झुलसने व धुआं भरने से इनमें ज्यादातर की हालत नाजुक है।बताया जा रहा है कि वार्ड में 47 बच्चे ही थे, जिनमें से दस की मौत हो गई और 37 रेस्क्यू कर लिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज के इस हिस्से की बिजली कनेक्‍शन काट दिया गया है।

एडीजी कानपुर आलोक सिंह ने बताया कि झांसी के रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के पीडियाड्रिक वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई है। 37 बच्चों को बचा लिया गया है। आग पूरी तरह से शांत हो गई है। पुलिस की कई टीमें घटना के सभी पहलुओं की जांच-पड़ताल में जुटी हुई हैं।

हादसे की 3 जांच के आदेश

झांसी पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नवजात शिशुओं की मौत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर हम नवजात शिशुओं के शवों की पहचान की कोशिश कर रहे हैं। पहली जांच प्रशासनिक स्तर पर होगी, जो स्वास्थ्य विभाग करेगा, दूसरी जांच पुलिस प्रशासन करेगा। अग्निशमन विभाग की टीम भी इसमें शामिल होंगी, तीसरी जांच मजिस्ट्रेट स्तर पर होगी।

मृतकों के परिजन को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि झांसी के मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में घटित दुर्घटना में हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों को संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गित एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। साथ ही सीएम योगी ने सीएम योगी ने मृतकों के परिजन को 5-5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। घायलों के परिजन को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

पीएम मोदी बोले- मन व्यथित है

हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश में झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इसमें जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव के हरसंभव प्रयास में जुटा है।

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