UGC Guidelines: यूजीसी ने गुरुवार को विश्वविद्यालय और कॉलेजों में साल में दो बार दाखिले सहित कुछ अन्य बदलाव को लेकर गाइडलाइन जारी की। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में व्यापक सुधार की योजना एक साथ दो डिग्री हासिल करने की व्यवस्था की गई है।
यूजी और पीजी के लिए पात्रता को अलग
गाइडलाइन के अनुसार यूजी और पीजी के लिए पात्रता को अलग कर दिया गया है। छात्र अपनी पिछली योग्यता से इतर किसी भी कार्यक्रम का चयन कर सकते हैं। वे दो बार दाखिले की सुविधा के तहत वर्ष में दो बार नामांकन कर सकेंगे। यूजीसी ने ग्रेजुएट डिग्री और पोस्टग्रेजुएट डिग्री रेगुलेशन, 2024 के तहत यह गाइडलाइन तैयार की है। इसमें छात्रों के योग्यता मापदंड और क्रेडिट की न्यूनतम आवश्यकता को आसान बनाया गया है। आयोग ने जारी ड्राफ्ट गाइडलाइन पर लोगों से 23 दिसंबर तक प्रतिक्रिया मांगी है।
उच्च शिक्षा संस्थानों की राह आसान
यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि नियमों में बदलाव का उद्देश्य छात्रों के लिए ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया लचीला बनाना, अनुशासनात्मक कठोरता दूर करना, वर्तमान शिक्षा,कई विषयों की पढ़ाई का अवसर देना है। इसमें कई बार प्रवेश और कार्यक्रम को बीच में छोड़ने, पहले ग्रहण की गई शिक्षा की मान्यता और एक साथ दो डिग्री को आगे बढ़ाने के लिए कुछ राहत के प्रावधान हैं।
12वीं का विषय जरूरी नहीं
- छात्र यूजी या पीजी के किसी भी विषय में प्रवेश का पात्र होगा, भले ही उसने कक्षा 12वीं में कोई भी विषय लिया हो।
- छात्रों के पास प्रमुख विषय में 50% क्रेडिट पाने का विकल्प होगा। शेष कौशल विकास, प्रशिक्षुता या बहु-विषयक विषयों को आवंटित हो सकते हैं।
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ऐसे लागू होंगे नियम
- त्वरित डिग्री कार्यक्रम और विस्तारित डिग्री कार्यक्रम केवल स्नातक स्तर पर लागू होंगे।
- दोनों में छात्र एक तय अवधि के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम और कुल क्रेडिट का पालन करेंगे।
- केवल कार्यक्रम की अवधि में ही नए प्रस्तावित बदलाव किए जा सकेंगे।
बीच में छोड़ने पहले ग्रहण की गई
